राजू श्रीवास्तव - कॉमेडियन / Raju Srivastava - Comedian

 राजू श्रीवास्तव -  कॉमेडियन

आखिरकार रुला गए गजोधर

गजोधर को उठाया ननिहाल से


21 सितंबर 2022 दिन बुधवार सुबह सवेरे खबर आई. सबको  हंसाने वाले कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव नहीं रहे. कई दिनों से दिल्ली के एम्स में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे राजू आखिरकार मौत से हार गए. होनी के आगे उन्होंने हार मान ली. कभी गजोधर की कहानी तो कभी किसी नेता अभिनेता की मिमिक्री और कभी फिल्मों या शादी-ब्याह के मजेदार किस्से सुनाकर सबको हंसा-हंसा कर लोट-पोट कर देने वाले 'गजोधर भैया' ने आम लोगों की नब्ज को पकड़ते हुए ऐसे-ऐसे किस्से गढ़े थे, जो अब यादों में ही शेष रह गए हैं.


था राजू श्रीवास्तव ने स्टैंडअप कॉमेडी करते हुए यूं तो कई मजेदार निभाए थे, मगर सबसे ज्यादा पसंद किया गया गजोधर भैया को दिलचस्प बात यह है कि गजोधर भैया कोई काल्पनिक किरदार नहीं था, बल्कि इस नाम का शख्स राजू के ननिहाल में रहता था. रुक-रुक कर बोलने वाले उस बुजुर्ग शख्स के किरदार को राजू ने अपनाया था, जिसे फैंस का इतना ज्यादा प्यार मिला कि यह राजू की पहचान बन गया. फैंस उन्हें गजोधर भैया भी कहते थे.



असली नाम था सत्यप्रकाश आसान नहीं था सफर


25 दिसंबर 1963 को कानपुर में जन्मे राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव था. उनके पिता रमेश चंद्र श्रीवास्तव एक एक जाने-माने कवि थे और बलई काका के नाम से मशहूर थे. बचपन से कलाकारों की मिमिक्री करने का शौक होने की वजह से राजू ने स्कूल और पार्टियों में मनोरंजन करते-करते कॉमेडी के बूते ही बॉलीवुड तक का सफर तय किया था.


राजू को बचपन से कॉमेडियन बनना चाहते थे. एक इंटरव्यू के दौरान राजू ने बताया था कि उन्हें बचपन से ही कॉमेडी करने का शौक था. वो स्कूल में अपनी • स्कूल टीचर्स की मिमिक्री किया करते थे. वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आवाज भी निकालते थे. अपने इस टैलेंट की वजह से वह स्कूल में होने वाले हर प्रोग्राम का हिस्सा बनते थे. उन्होंने यह भी बताया था कि उन्हें बचपन में क्रिकेट की कॉमेंट्री के लिए बुलाया जाता था. अपने टैलेंट से वह सामने वाले की कमियों को भी हंसी-हंसी में बयां कर जाते थे. कॉमेडी करना उनका पैशन था, मगर घरवाले परेशान रहते थे. कई बार उन्हें इस वजह से डांट-फटकार और मार तक पड़ती थी. राजू श्रीवास्तव का पहला शो 'टी टाइम मनोरंजन' था.


द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज से बदली थी किस्मत


बिग बी को मानते थे अन्नदाता


अपनी जन्मस्थली कानपुर की गलियों से निकलकर मायानगरी तक का सफर तय करने वाले राजू 1982 में मुंबई आए थे. यहां गुजारा करने के लिए उन्होंने ऑटो रिक्शा भी चलाया था. फिर उन्होंने फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए. मगर उन्हें असली पहचान साल 2005 में आए टीवी शो 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ से मिली. इस शो ने राजू की जिंदगी ही बदल दी. वह घर-घर में •गजोधर भैया के नाम से फेमस हुए और शो के उप-विजेता भी रहे थे. इसके बाद राजू ने रियलिटी टीवी शो 'बिग बॉस-3' में भी हिस्सा लिया था. फिर ‘महामुकबाला सीजन 6' और 'नच बलिए' जैसे शो में नजर आए. बता दें कि 'नच बलिए' में राजू पहली बार अपनी पत्नी के साथ नजर आए थे.


कॉमेडी की दुनिया के बादशाहों में से एक राजू श्रीवास्तव के निधन के बाद उनका एक पुराना वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसमें वह अपने गजोधर वाले अंदाज में बात करते नजर आ रहे हैं. सबसे पहले वह फैंस को नमस्कार करते हुए कहते हैं, “नमस्कार, कुछ नहीं बस बैठे हैं. जिंदगी में ऐसा काम करो कि अगर यमराज भी आए आपको लेने तो कहें, भाईसाहब भैंस पर बैठिए नहीं, नहीं आप पैदल चल रहे हैं, अच्छा नहीं लग रहा है. आप भले आदमी हैं, नेक आदमी हैं, बैठिए,”


राजू के कुछ यादगार पंच और किस्से


अधूरा रह गया ओटीटी पर शो का सपना


कॉमेडी में अपना सिक्का जमाने वाले राजू ने राजनीति में भी हाथ आजमाया था और आगे वह बहुत कुछ करना चाहते थे. वह भविष्य में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर काम करने का सपना देख रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक वह स्टैंडअप कॉमेडी पर आधारित एक ऐसा शो लाना चाहते थे, जो उभरते स्टैंडअप आर्टिस्ट्स को प्लेटफॉर्म दे सके.


■ऐयादव, संकठा, गजोधर, बिरजू, ई ट्रेन अपना छूटा या बाजू वाला का


तेजाब से किया था

सितारे गमगीन


■ जागते रहो, मेरे भरोसे न रहो ■ ऐसा काम करो कि लोग कहें, तुम रहने दो हम कर लेंगे....


कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का बुधवार को 58 साल की उम्र में निधन होने की खबर आते ही फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई. कई सितारों ने संवेदनाएं प्रकट की.


फिल्मों में डेब्यू


■ जो हंसे तो उसका घर बसे और जिसका घर बसे तो पूछो क्या कभी हंसे?


राजू श्रीवास्तव ने 80 के दशक में मनोरंजन की दुनिया में कदम रखा और करीब 17 फिल्मों में काम किया. 1988 में आई अनिल कपूर की फिल्म 'तेजाब' से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. सलमान की फिल्म 'मैंने प्यार किया' में भी उन्होंने छोटा सा किरदार निभाया था.


"जिंदगी भर बहुत हंसाया राजू भाई आपने.... भगवान से प्रार्थना है कि आपकी आत्मा को सदगति मिले.”


प्रमुख फिल्में


"प्यारे राजू श्रीवास्तव ! तुम्हारे जाने से समूचे देश की हंसी थम सी गई है! खिलखिलाहट में वो गूंज नहीं रही! इतनी भी क्या जल्दी थी ऊपर वालों को हंसाने की ! बहुत याद आओगे दोस्त! " - अनुपम खेर


स्मृतिशेष


राजू श्रीवास्तव को होश में लाने के लिए महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज सुनाई जा रही थी. क्योंकि बच्चन से उनका खास संबंध था. राजू ने बिग बी की मिमिक्री कर खूब वाहवाही लूटी थी. एक अवॉर्ड शो में राजू ने अमिताभ बच्चन की मौजूदगी में कहा था, "सर आप तो हमारे अन्नदाता हैं, आपकी मिमिक्री करके हम अपना घर चलाते हैं." राजू ने स्टेज शो से अपने करियर की शुरुआत की थी. पहले-पहल उन्हें एक स्टेज शो के लिए 50 रुपए मिलते थे. लोकप्रियता मिलने के बाद राजू प्रति शो 5 से 10 लाख रुपए चार्ज करने लगे थे.


■ एक बार विदाई के समय सास अपने दामाद से कहती है कि बेटा हमारी बेटी एकदम गाय है गाय (कहने का मतलब बहुत सीधी)... इस पर दूल्हा अपने छोटे भाई से बोलता है कि जाओ देखकर आओ कहीं सही में तो गाय नहीं है.

- अक्षय कुमार


“पर्दे पर और आम जीवन में हमेशा आपने हम सभी को हंसाया भगवान आपके परिवार को इस मुश्किल घड़ी का सामना करने की हिम्मत दे."

25 दिसंबर 1963- 21 सितंबर 2022

- अजय देवगन


आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया2001 में रिलीज इस फिल्म में राजू श्रीवास्तव ने बाबा चिन चिन चू का किरदार निभाया था, जो एक सेठ के घर को लूटने पहुंचता है. फिल्म में उनका डायलॉग 'मेरा •नाम चिन चिन चू बाबा चिन चिन चू कर डालूंगा तेरे को हाऊ डू यू डू' बहुत फेमस हुआ था. बॉम्बे टू गोवा- 2007 में आई ‘बाम्बे टू गोवा' में वॉर्ड बॉय का रोल किया था, जो मरीज को भूतों की कहानी सुनाते-सुनाते उसे सीढ़ियों से नीचे फेंक देता है. मैं प्रेम की दीवानी हूं- 2003 में रिलीज ऋतिक रोशन, करीना कपूर और अभिषेक बच्चन की इस फिल्म में राजू ने संजना (करीना) के घर के नौकर शंभू का किरदार निभाया था. बाजीगर शाहरुख खान की इस फिल्म में राजू एक कॉलेज स्टूडेंट बने थे.


■ 'शोले' पिक्चर देखने गए थे... बसंती तांगे में बैठकर भाग रही थी. घोड़े उसको दौड़ा रहे थे... हमने चाचा से कहा कि भागों कहीं घोड़ा हमारी कुर्सी तक न आ जाएं... हमारे चाचा कहते हैं कि बैठो राजू ये सिनेमा है... हमने कहा, चाचा हमको पता है सिनेमा है... आपको पता है सिनेमा है... घोड़ा को थोड़े ही पता सिनेमा है.


भावनाओं को समझो- 2010 में

आई इस फिल्म में राजू ने वसूली करने वाले 'दया फ्रॉम गया' का रोल निभाया था. अन्य फिल्में- 'खुद्दार', 'हसीनों का मेला', 'कैदी', 'वाह तेरा क्या कहना', 'लव इन जापान', 'जहां जाइएगा हमें पाइएगा', 'बिग ब्रदर', 'मनी बैक गारंटी'. 'फिरंगी'.


अमिताभ की मिमिक्री करते राजू.

पत्नी शिखा के साथ एक पल.

■ आलिया का नाम सत्यवती होता तो क्या होता, अगर कटरीना का नाम सावित्री देवी होता तो क्या होता? सिद्धू का नाम अयोध्या प्रसाद होता तो कैसा होता? क्या यह इतने पॉपुलर हो पाते? (कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में सुनाया था)


■ कुछ जिले शर्मीली लड़की जैसे होते हैं, जैसे बरेली, उरई, पुरी, पुणे, चुरु, तो कुछ जिसे ऐसे हैं, जो घमंड से भरे हैं जैसे कर्नाटक, चित्तौड़गढ़, भटिंडा, हावड़ा, काटगोदाम.

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