बच्चों की मनोस्थिति समझकर शिक्षकों को अपडेट होने की जरूरत
आज के प्रतियोगिता के दौर मे को पूरा करने के भय से बहुत ही छोटे बच्चे तनाव और डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं। ऐसे में आज शिक्षकों को विद्यार्थियों की मनोस्थिति समझ कर उन्हें पढ़ाने की जरूरत है। हालांकि सिर्फ 35-40 मिनट के लेक्चर में शिक्षक का सभी विद्यार्थियों को परखना कठिन है लेकिन उन्हें यह चुनौती स्वीकारनी होगी। शिक्षकों को बदलते पाठ्यक्रम और अध्यापन के तरीको के मुताबिक खुद को अपडेट करना होगा। विद्यार्थी अपने शिक्षकों के साथ स्कूल में रोज 6-7 घंटे बिताते हैं। इस दौरान शिक्षक बच्चों को न केवल शिक्षित करते हैं, बल्कि उनके नैतिक मन का विकास भी करते हैं। हमारे जीवन मे मुख्यतः चार गुरु होते हैं माता, पिता, शिक्षक एवं आधायत्मिक गुरु ।
Delhi schools & education minister, Manish Sisodia sirसमझकर शिक्षकों को अपडेट होने की जरूरत
बच्चों की मनोस्थिति और शिष्य के संबंधों को दर्शाने गुरु
अभिभावकों के लिए अधिकांश
छात्र अपने शिक्षकों को अपना आदर्श मानते हैं। अभिभावकों के लिए सुझाव यह है कि शिक्षक की शिकायत करने के बजाय अपने बच्चों के भी कुछ गुण-दोष देखें। उन पर परदा ना डालें। बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी दें। उनकी मनोस्थिति समझें। जिस क्षेत्र में उसकी अभिरुचि अधिक हो उसे करने के लिए आगे प्रोत्साहित करें। बच्चों को स्वस्थ और सात्विक, स्वास्थ्य वर्धक आहार देना चाहिए जिससे बच्चों को सुख, शांति, शक्ति, संयम, सादगी, सफलता, साधना, संस्कार और स्वास्थ्य मिले।
Delhi schools & Delhi CM Arvind Kejriwal sirगुरु कुम्हार शिष्य कुम्भ है | अंतर हाथ सहार देहे बाहर बाह्रै चोट ||
शिक्षक का अर्थ शि– शिखर तक ले जाने वाला क्ष- क्षमा की
अर्थात् जो विद्यार्थियों की हर गलती को क्षमा करने की भावना रखता है और उसकी हर कमजोरी दूर कर उसको शिखर (सफलता) तक ले जाता है, वही सच्चा शिक्षक कहलाता है।
भावना
क - कमजोरी दूर करने वाला
यह पूर्णतः सत्य है कि शिक्षक और सड़क दोनों एक जैसे होते हैं, खुद जहाँ हैं वहीं पर रहते हैं मगर सभी को उनकी मंजिल तक पहुँचा ही देते हैं।"
शिक्षा का सार है शिक्षक, जीवन का आधार है शिक्षक ज्ञान की गंगा है शिक्षक, विद्यार्थी का संसार है शिक्षक
सचमुच शिक्षक देश निर्माण में अहम भूमिका अदा करतें हैं और छात्र देश का भविष्य होते हैं। शिक्षकों की भूमिका ने शिक्षकों को कोरोना योद्धा, सामाजिक व शैक्षिक कार्यकर्ता के रूप में दर्शाया वे हर हाल में स्वयं को ढाल देते हैं। वे मान सम्मान पाने के अधिकारी हैं। हैं। मैं एक शिक्षाविद होने के कारण इन्हे नमन करता हूं।
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