संगीत के बारे में तथ्य

 संगीत के बारे में तथ्य

भारतीय संस्कृति के साथ-साथ यहां की संगीत कला भी विश्वप्रसिद्ध है. बदलते समय के साथसाथ इसमें भी काफी बदलाव आया है. भारतीय संगीतकारों और गायकों को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. आइए, इसी क्षेत्र से संबंधित भारत की कुछ उपलब्धियों के बारे में जानते है...


■ भारतीय संगीत में राग की सबसे अहम भूमिका होती है. कहा जाता है कि राग 630 से भी अधिक किस्म के होते हैं.



■ भारत के मध्य प्रदेश में भीमबेटका नामक क्षेत्र में स्थित गुफाओं में 30 हजार साल पुराने संगीत वाद्ययंत्र और नृत्य मुद्रा के चित्र बने हुए हैं.


■ हमारे देश के शास्त्रीय संगीत को दो भागों में बंटा गया है. पहला भारतीय शास्त्रीय संगीत और दूसरा कर्नाटक संगीत है. इन दोनों में कर्नाटक संगीत को सबसे पुराना शास्त्रीय संगीत माना जाता है.


■ भारत में प्रत्येक राज्य का अलग लोक संगीत है. जैसे- बंगाल से बाऊल, गुजरात से गरबा और महाराष्ट्र से लावणी.


पं. विष्णु दिगंबर पलुस्कर ने वर्ष 1901 में लाहौर में गंधर्व महाविद्यालय की स्थापना की थी. इसे भारत के प्रथम संगीत विद्यालय का दर्जा प्राप्त है.


■ हमारे देश के सबसे प्राचीन ग्रंथ ‘ऋग्वेद' में संगीत के बारे में विस्तार से विवरण दिया गया है.


■ भारत की पहली महिला शहनाई वादक बागेश्वरी कमर हैं.


■ भारत का प्रथम लोक संगीत एल्बम बंजारन है, जिसमें राजस्थान और गुजरात के लोक गीत थे.


■ऐसा कहा जाता है कि भारत के तानसेन जब मल्हार राग गाते थे, तो बारिश होने लगती थी.


■ भारतीय संगीत में सात स्वर होते हैं, जो इस प्रकार हैं- षड्ज (सा), ऋषभ (रे), गंधार (ग), मध्यम (म), पंचम (प), घेवत (ध) व निषाद (नी).


■तबला, वीणा, सारंगी, तानपुरा, मृदंगम, जलतरंग, सितार, पखावज, सरोद, शहनाई आदि भारतीय संगीत के प्रमुख वाद्य यंत्र हैं.


■ भारत के प्रसिद्ध गाने 'जय हो' को 2009 में ऑस्कर अवॉर्ड मिला था. इस गाने को गुलजार और तन्वी शाह ने मिलकर लिखा और संगीत ए. आर. रहमान का था. इस गाने के मुख्य गायक सुखविंदर सिंह, ए. आर. रहमान, तन्वी, महालक्ष्मी अय्यर और विजय प्रकाश थे.


■ हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा ने नारद मुनि को संगीत वरदान में दिया था.


■अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा 11 नवंबर 2006 को खोजे गए हीन ग्रह (ड्वार्फ प्लेनेट) का नाम महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के नाम पर के नाम रखा गया है. इसे भारतीय संगीत की अहम उपलब्धि माना जाता है.


■ भारत के पंडित हरिप्रसाद चौरसिया विश्व प्रसिद्ध बांसुरी वादक हैं. उन्हें कला के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन 1992 में पद्म भूषण और 2000 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था.

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