पैरेंटिंग की जिम्मेदारी साझा करें

 पैरेंटिंग की जिम्मेदारी साझा करें

जिम्मेदारी साझा करने की एक अनकही समझ भी विकसित हुई है. अगर आप भी पैरेंट्स में हों तो साझा पैरेंटिंग के ये 4 सुझाव आपका काम आसान कर सकते हैं. जिम्मेदारियां तय करें


बार-बार बदलाव न करें

पै रेटिंग अपने आप में एक चुनौती और हर दिन का एक मजेदार अनुभव है. वैसे भले ही आजकल ज्यादातर माता-पिता दोनों ही वर्किंग हो गए हों, पर अब भी पारंपरिक रूप से मांओं पर ही बच्चों की जिम्मेदारी आती रही है. लॉकडाउन में जब दोनों पैरेंट्स ने घर से ही ऑफिस के काम को संभाला, बच्चों की



सबसे ज्यादा परेशानियां तब आती है, जब लगता है कि मुझे ज्यादा काम करना पड़ है या मुझे ही कठिन काम दिए गए हैं. बेहतर होगा कि डिस्कस कर लें कि कौन-सा का काम आप करेंगी और किन कामों की जिम्मेदारी पार्टनर की है. बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी दो तरीके से बांट सकते हैं, पहला घंटों में या काम की संख्या में दोनों को जो भी तरीका आसान लगे उसे अपना सकते हैं.



जब आप दोनों ने सोच-समझकर एक बार अपनी ज़िम्मेदारी तय कर ली है तो बार-बार उसमें बदलाव करना सही नहीं होगा. ऐसा करने से पार्टनर के साथ-साथ बच्चा भी कन्फ्यूज हो जाएगा. आपको जो समस्या हो वह जिम्मेदारी बांटते समय ही सुलझा लें, बजाय बाद में चिढ़ने के और एक बात का ख्याल रखें कि आपको अपने हिस्से की जिम्मेदारी को बोझ की तरह नहीं, खुशी-खुशी पूरा करना होगा. वरना साझा पैरेंटिंग करने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.


खुद का टाइम टेबल बना लें


चूंकि बच्चे को संभालने के साथ-साथ ऑफिस के काम भी करने हैं तो आपको काफी स्मार्टली अपना टाइम टेबल बनाना होगा, ताकि आपके ऑफिस का कोई काम अधूरा न रह जाए. प्रोफेशनल लाइफ में अंडर-परफॉर्म करके अच्छा पिता या मां बनने से आपको वह आंतरिक खुशी नहीं मिलेगी. बच्चा जो काम खुद कर सकता हो, वह काम उसे खुद पूरा करने की आदत डलवाएं, पर बच्चे को इनडिपेंडेंट बनाइए.

Comments

Popular posts from this blog

संगीत के बारे में तथ्य

राजू श्रीवास्तव - कॉमेडियन / Raju Srivastava - Comedian

क्या एक लड़का और लड़की सबसे अच्छे दोस्त हो सकते हैं? लड़का-लड़की की दोस्ती अच्छी है या बुरी?