लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ी 5 गलतफहमियों से बचें

 इंश्योरेंस भविष्य के जोखिमों से बचाव का प्रभावशाली तरीका है। लेकिन इंश्योरेंस, खासतौर पर लाइफ इंश्योरेंस को लेकर अधिकांश लोगों के मन में कई गलतफहमियां होती हैं। यहां हम ऐसी 5 गलतफहमियों के बारे में बता रहे हैं1. अधिक उम्र या किसी बीमारी से ग्रस्त होने के

चलते मैं इंश्योरेंस के लिए पात्र नहीं हूं।



तथ्यः अधिक उम्र या कोई बीमारी होने पर भी इंश्योरेंस लिया जा सकता है। आपको बस बीमाकर्ता को इसकी जानकारी देनी होगी। उम्र ज्यादा होने और मेडिकल कंडीशन की स्थिति में इंश्योरेंस कंपनियां अधिक जोखिम को कवर करने के लिए प्रीमियम बढ़ा सकती हैं।

2. लाइफ इंश्योरेंस की तुलना में अन्य साधनों में निवेश से बेहतर रिटर्न मिलेगा। तथ्यः इंश्योरेंस निवेश नहीं है। यह आपके और

दौरान कटौती किए गए मॉर्टलिटी/ अन्य शुल्कों को रिफंड भी कर देते हैं। 4. केवल खरीदने वाले के नाम से पॉलिसी ली जा

परिवार के लिए भविष्य के जोखिमों से बचाव का साधन है। इसकी तुलना निवेश के साधनों से नहीं की जा सकती। लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में मृत्यु से संबंधित जोखिम, मॉर्बिडिटी रिस्क लॉन्गेविटी रिस्क, गारंटीड रिटर्न, मार्केट लिंक्ड रिटर्न, होल लाइफ कवर जैसे फीचर्स शामिल होते हैं जो निवेश साधनों में नहीं होते। 3. यूलिप अच्छे विकल्प नहीं होते। तथ्य: नई पीढ़ी के यूलिप काफी कम

सकती है।


तथ्यः नियमित आय वाला कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है, वह अपने या अपने जीवनसाथी या बच्चों के नाम पर पॉलिसी ले सकता है।

5. क्लेम सेटलमेंट में दिक्कत होती है, इंश्योरेंस कंपनी भुगतान से मना कर देती है ।

शुल्क के साथ आते हैं। इनमें से कई तो पॉलिसी अवधि के

तथ्यः इंश्योरेंस पॉलिसी ग्राहकों द्वारा दी गई सही जानकारी के आधार पर ही वैध होती है। यदि कुछ छुपाया नहीं है तो क्लेम मिलेगा।

Comments

Popular posts from this blog

संगीत के बारे में तथ्य

राजू श्रीवास्तव - कॉमेडियन / Raju Srivastava - Comedian

क्या एक लड़का और लड़की सबसे अच्छे दोस्त हो सकते हैं? लड़का-लड़की की दोस्ती अच्छी है या बुरी?